प्रतिबंध के बावजूद दिन-दहाड़े हो रहा है पेड़ों का कत्ल, जिम्मेदार मौन। Ompal Singh Thakur
वन विभाग के संरक्षण में ही काटे जा रहे हरे-भरे स्वस्थ वृक्ष, पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश।
प्रतिबंध के बावजूद दिन-दहाड़े हो रहा है पेड़ों का कत्ल, जिम्मेदार मौन।
मेरठ! उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ में हरे-भरे स्वस्थ वृक्षों को वन विभाग के संरक्षण में ही काटे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण के जोर देकर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार विभाग की मिलीभगत से ही हरे भरे पेड़ों को बिमार पेड़ बता कर पेड़ों पर आरा चलवा कर पेड़ों का कत्ल करवा रहे है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरधना रेंज क्षेत्र में पावली खास रेलवे स्टेशन के पास कई साल पुराने स्वस्थ और हरे-भरे पेड़ों को बिना किसी वैध अनुमति के संख्या से अधिक पेड़ काटे जा रहे है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब वन विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की जानकारी और संरक्षण में हो रहा है, जिससे लकड़ी माफियाओं के होंसले बुलंद हो रहे हैं पत्रकार द्वारा बात करने पर लकड़ी माफिया द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है।
इस पर ऑल इंडिया मीडिया क्लब के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ओमपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि पेड़ काटने से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि पक्षियों का आशियाना भी उजड़ रहा है। स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी कर्मचारियों व लकड़ी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जब रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो पर्यावरण को कौन बचाएगा?





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