शुकतीर्थ से किसान अधिकार यात्रा का आगाज, हजारों किसानों के साथ सड़कों पर उतरी कांग्रेस। (ओमपाल सिंह ठाकुर)
“शुकतीर्थ से उठी किसान अधिकारों की आवाज, हजारों किसानों के साथ कांग्रेस की यात्रा शुरू”
शुकतीर्थ से किसान अधिकार यात्रा का आगाज, हजारों किसानों के साथ सड़कों पर उतरी कांग्रेस।
राजेंद्र पाल गौतम बोले—गन्ना भुगतान, खाद और महंगी बिजली से किसान परेशान; राजेंद्र पाल गौतम ने कहा—किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई गांव-गांव तक ले जाएगी कांग्रेस।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं किसान कांग्रेस की ‘किसान अधिकार यात्रा’ का शुभारंभ मुजफ्फरनगर की ऐतिहासिक धरती से हुआ। यात्रा शुरू होने से पहले शुकतीर्थ धाम स्थित शुकदेव आश्रम में पूजा-अर्चना की गई तथा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
शास्त्री जी के अमर उद्घोष ‘जय जवान, जय किसान’ के साथ किसानों के अधिकार, सम्मान और न्याय की आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया गया। मीरापुर क्षेत्र के गांव इलाहाबास से शुरू हुई यात्रा का प्रथम दिन मोरना शुगर मिल पर संपन्न हुआ। यात्रा में हजारों की संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, चारपहिया वाहनों एवं दोपहिया वाहनों के साथ शामिल हुए। किसानों की व्यापक भागीदारी से पूरे क्षेत्र में यात्रा को लेकर उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के दौरान प्रचार वाहनों के माध्यम से लगातार किसानों से जुड़े मुद्दों, उनकी समस्याओं और अधिकारों की जानकारी दी जाती रही। साथ ही कांग्रेस पार्टी की विचारधारा, राहुल गांधी जी के किसान हितों, सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और आमजन के अधिकारों से जुड़े विचारों को भी जन-जन तक पहुंचाया गया।
यात्रा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, अनुसूचित जाति विभाग श्री राजेंद्र पाल गौतम, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय, राष्ट्रीय सचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी श्री संजीव आर्या, अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अखिलेश शुक्ला, पूर्व सांसद श्री कुंवर दानिश अली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी, पूर्व विधायक श्री प्रदीप बालियान, वरिष्ठ नेता श्री रोहित जाखड़, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्री अभिमन्यु त्यागी, एआईसीसी सदस्य एवं निवर्तमान प्रदेश सचिव श्री योगी जाटव, श्री हरेंद्र त्यागी सहित कांग्रेस एवं किसान कांग्रेस के अनेक राष्ट्रीय, प्रदेश एवं स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
एआईसीसी प्रभारी श्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि महात्मा गांधी जी का ग्राम स्वराज और लाल बहादुर शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश आज भी देश के लिए प्रासंगिक है। किसान देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य, गन्ने का समयबद्ध भुगतान, कृषि लागत में राहत और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। किसान अधिकार यात्रा के माध्यम से कांग्रेस किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण समाज की समस्याओं को गांव-गांव तक ले जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश का किसान आज परेशान है। गन्ने का समय से भुगतान नहीं मिल रहा है, खाद की समस्या बनी हुई है और बिजली की बढ़ी दरों से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर भी समस्याएं बनी हुई हैं। कांग्रेस किसानों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रही है और आगे भी किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाती रहेगी। किसान की मेहनत का उचित मूल्य और उसके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होना आवश्यक है। राष्ट्रीय सचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी श्री संजीव आर्या ने कहा कि खेती की बढ़ती लागत, गन्ना भुगतान में देरी और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के प्रमुख सवाल हैं। किसानों की आर्थिक स्थिति का प्रभाव पूरे ग्रामीण बाजार और स्थानीय रोजगार पर पड़ता है। किसान अधिकार यात्रा के माध्यम से किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा और उनकी समस्याओं को संबंधित मंचों पर उठाया जाएगा। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अखिलेश शुक्ला ने कहा कि खाद, बीज, डीजल, बिजली और कृषि उपकरणों की बढ़ती कीमतों ने खेती की लागत बढ़ा दी है। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिलना उनकी आर्थिक कठिनाइयों को और बढ़ाता है। एमएसपी की कानूनी गारंटी, समय पर गन्ना भुगतान, गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज की उपलब्धता और फसल नुकसान का उचित मुआवजा किसानों की प्रमुख मांगें हैं।
किसान कांग्रेस इन मुद्दों पर किसानों के साथ खड़ी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान गन्ना भुगतान, आवारा पशुओं, खाद की उपलब्धता, सिंचाई और बिजली जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। किसान को अपनी फसल बचाने से लेकर उसका उचित मूल्य प्राप्त करने तक अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। किसान अधिकार यात्रा का उद्देश्य गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करना और उनकी वास्तविक समस्याओं को सामने लाना है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री रोहित जाखड़ ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान कृषि और किसान से है। गन्ना किसानों के बकाये, आवारा पशुओं से फसलों के नुकसान, कृषि लागत और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े सवालों का समाधान जरूरी है। किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तो गांवों में व्यापार, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। किसान अधिकार यात्रा किसानों के इन्हीं सवालों को प्रमुखता से उठाने का माध्यम है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्री अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि किसान अधिकार यात्रा किसानों के आर्थिक और सामाजिक न्याय की आवाज है। एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ना किसानों के लंबित भुगतान, खाद की उपलब्धता, महंगी कृषि बिजली, खेती की बढ़ती लागत और ग्रामीण रोजगार जैसे सवालों पर जवाबदेही आवश्यक है। किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी लगातार किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों की बात करते रहे हैं। कांग्रेस की विचारधारा में किसान और मजदूर का सम्मान तथा आर्थिक न्याय महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। किसान की आमदनी और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
इसलिए किसानों की समस्याओं को केवल कृषि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। यात्रा के दौरान किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ना किसानों के लंबित बकाये का समयबद्ध भुगतान, खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, कृषि बिजली की दरों में राहत, डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, फसल बीमा, कृषि ऋण में राहत, सिंचाई, ग्रामीण स्वास्थ्य एवं शिक्षा तथा युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दे शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कृषि संकट केवल किसानों का विषय नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण रोजगार और करोड़ों परिवारों के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय प्रश्न है। यात्रा के दौरान किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सामने लाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस पश्चिमी क्षेत्र की प्रथम चरण की किसान अधिकार यात्रा 2 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर से प्रारंभ होकर 3 अक्टूबर को शामली, 4 अक्टूबर को बागपत, 5 अक्टूबर को मेरठ, 6 अक्टूबर को गाजियाबाद और 7 अक्टूबर को गौतमबुद्धनगर के जेवर में संपन्न होगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ के विचारों से प्रेरित यह यात्रा किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की आवाज को गांव से लेकर राष्ट्रीय विमर्श तक पहुंचाने का कार्य करेगी।









Comments
Post a Comment